कुमाऊं में यहां ” बंदर भगाओ खेती बचाओ” अभियान 15 जनवरी

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बागेश्वर। उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में लोग पहले गुलदार और जंगली जानवरों के आतंक से परेशान थे। अब बीते कुछ सालों में बंदरों ने पहाड़ों में लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बंदर जहां खेती को नुकसान पहुँचा रहे हैं। वहीं बन्दर अब घरों में आने लगे हैं। लोगों पर हमला कर रहे हैं।। बंदरों के आतंक से परेशान लोग अब बागेश्वर के गरुड़ में 15 जनवरी से आंदोलन शुरू कर रहे हैं।

इसमें कत्यूर घाटी के 1 हजार से ज्यादा लोग जुड़ेंगे। यह आंदोलन गरुड़ सिविल सोसायटी के बैनर तले किया जाएगा। सोसायटी के संरक्षक और नैनीताल हाईकोर्ट में अधिवक्ता डीके जोशी ने बताया की आज कुमाऊं मंडल के गांवों में लोग सबसे ज्यादा बंदरों से परेशान हैं। गांवो में बंदर फसल को नुकसान पहुँचा रहे हैं।

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लोगों पर भी हमला कर रहे हैं। उन्होंने बताया की कई बार स्थानीय लोग बंदरों के आतंक से निजात पाने को लेकर वह नगर पालिका और नगर पंचायत में गए। विधायक, मंत्रियों के पास भी गए। लेकिन लोगो को आज तक बंदरों के आतंक से निजात नहीं मिल पाई।

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उन्होंने बताया कि अब कत्यूर घाटी के लोग 15 जनवरी से गरुड़ में आंदोलन शुरू कर रहे हैं। इस आंदोलन में पहले दिन एक हजार से अधिक लोग भाग लेंगे। उन्होंने बताया की पहाड़ में की खेती को बचाने के लिए ये आंदोलन किया जा रहा है। क्योंकि बंदर लोगों पर हमला करने के साथ खेती को भी नुकसान पहुँचा रहे हैं।

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