किसान मोर्चा के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल को दिया समर्थन, उठाए यह मुद्दे

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हल्द्वानी। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल और ग्रामीण बंद के समर्थन में हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में हड़ताल के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में ट्रेड यूनियनों ने शिरकत की।  

हड़ताल के माध्यम से श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 26,000/- रुपये प्रति माह, आशा आंगनबाड़ी भोजनमाता समेत सभी स्कीम वर्कर्स को नियमित वेतन और कर्मचारी का दर्जा, 4 श्रम संहिताओं को निरस्त करना, किसानों की फसलों की गारंटीशुदा खरीद के साथ सभी फसलों के लिए एमएसपी @सी2+50% की मांग, अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने और उन पर मामला दर्ज करने, ऋणग्रस्तता से मुक्ति के लिए छोटे और मध्यम किसान परिवारों को व्यापक ऋण माफी का आह्वान, आईपीसी/सीआरपीसी में किए गए कठोर संशोधनों को निरस्त करने जैसे आरोप लगाए गए।

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साथ ही मौलिक अधिकार के रूप में रोजगार की गारंटी, रेलवे, रक्षा, बिजली, कोयला, तेल इस्पात, दूरसंचार, डाक, परिवहन, हवाई अड्डे, बंदरगाह और गोदी, बैंक, बीमा आदि सहित सार्वजनिक उपक्रमों का कोई निजीकरण नहीं, शिक्षा और स्वास्थ्य का निजीकरण नहीं, नौकरियों का कोई अनुबंधीकरण नहीं, निश्चित अवधि के रोजगार को खत्म करना, प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 200 दिनों के काम और 600 /- रुपए दैनिक वेतन के साथ मनरेगा को मजबूत करना, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना, संगठित व असंगठित अर्थव्यवस्था में सभी को पेंशन और सामाजिक सुरक्षा, नए शुरू किए गए बीएनएस की धारा 104 को खत्म करना, निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की तर्ज पर असंगठित श्रमिकों की सभी श्रेणियों के लिए कल्याण बोर्ड, अन्य बातों के अलावा एल एआरआर अधिनियम 2013 (भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013) को लागू करने की मांग उठाई जायेगी। साथ ही मोदी सरकार से भारत के संविधान में निहित लोकतंत्र, फैडरैलिजम, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद के मूल सिद्धांतों की रक्षा की मांग उठाई गई। इस अवसर पर प्रस्ताव पारित किया गया कि मोदी सरकार किसानों के आंदोलन का दमन बंद करे, और बनभूलपुरा से कर्फ्यू हटाया जाय।

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हड़ताल में माले नेता डा कैलाश पाण्डेय, आशा यूनियन की नगर अध्यक्ष रिंकी जोशी, किसान महासभा नेता बहादुर सिंह जंगी, सर्वोदय मंडल अध्यक्ष इस्लाम हुसैन, प्रगतिशील महिला एकता मंच की रजनी जोशी, आंबेडकर मिशन के जी टम्टा, आशा वर्कर्स रीना बाला, सरोज रावत, सायमा, प्रीति रावत, हंसी बेलवाल, पछास के चंदन, मोहन मटियाली, बीएसपी के गजेंद्र पाल सिंह, पुष्पा, शाइस्ता खान, तबस्सुम, सुनीता, चंपा कोरंगा, ममता पपने, सामाजिक कार्यकर्ता बची सिंह बिष्ट, प्रभात पाल, सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत साहू, गीता थापा, चंपा मंडोला, जानकी थापा, इंदु बाला, भगवती बिष्ट, गंगा साहू, पुष्पा आर्य, कमला पंत, शिव कुमारी, चंपा परिहार, दीपा पलड़िया, मीना केसरवानी, गीता शर्मा, आनंदी, रुखसाना, तारा, अनीता देवल, गीता जोशी, मोहिनी बृजवासी, स्वाति, रेनू, मंजू, जीवंती, पूनम, लीला, रश्मि, मालती समेत बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स व अन्य ट्रेड यूनियनों के लोग शामिल रहे।

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