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यशपाल आर्य के लिए बाजपुर में इस बार चुनौती कम नहीं………….. मुकाबला रोचक होने की उम्मीद

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बाजपुर: बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुए नेता यशपाल आर्य के लिए अबकी बार बाजपुर विधानसभा में चुनाव में जीत दर्ज करना आसान नहीं रहेगा। मौजूदा समीकरण से ऐसे संकेत मिल रहे हैं। कांग्रेस से बगावत करने वाली पीसीसी सदस्य सुनीता बाजवा के आम आदमी पार्टी में शामिल होने की खबरों के बीच मुकाबला और रोचक होने की उम्मीद है। बाजवा ने मंगलवार देर शाम दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर महिला विरोधी पार्टी होने का आरोप भी लगाया। उनके आप में शामिल होने के बाद चुनाव में समीकरण बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि बाजपुर से पूर्व मंत्री यशपाल आर्य के कांग्रेस में वापसी के चलते,चर्चा है कि सुनीता बाजवा को टिकट नहीं मिल पाया। 2017 में सुनीता कांग्रेस की प्रत्याशी रही। भाजपा प्रत्याशी यशपाल आर्य के खिलाफ चुनाव लड़ा। कड़ी टक्कर दी।
इस बार भी वह कांग्रेस की तरफ से वह प्रबल दावेदार थीं। आखिरी समय में यशपाल आर्य के कांग्रेस में वापसी से बाजवा को टिकट नहीं मिल पाया। बाजवा समर्थक सोशल मीडिया में सीधे तौर पर यशपाल आर्य पर प्रहार कर रहे हैं। हालांकि बीजेपी ने राजेश कुमार को प्रत्याशी बनाया है। बसपा से विजय पाल जाटव प्रत्याशी हो सकते हैं। ऐसी चर्चा है, जबकि सुनीता बाजवा के पति किसान आंदोलन में काफी सक्रिय रहे। किसानों के बीच उनकी मजबूत पकड़ भी बताई जाती है। ऐसे में अब विधानसभा चुनाव में मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। यशपाल आर्य के चुनाव मैदान में होने से इस सीट पर सबकी नजर लगी हुई है। किसानों पर भी सबकी नजर है। हालाकि सीट में जीत दर्ज कौन करेगा यह चुनाव परिणाम आने के बाद पता चलेगा। अभी सभी प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

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