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Almora: भगत सिंह एक व्यक्ति नहीं एक धारा थी, एक धारा है……

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अल्मोड़ा न्यूज। उत्तराखंड छात्र संगठन ने शहीद- ए- आज़म भगत सिंह के बलिदान दिवस पर राजकीय संग्रहालय में विचार गोष्ठी व काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। इस अवसर पर जनकवि बल्ली सिंह चीमा ने कहा कि भगत सिंह व उनके साथियों ने जिस शोषण मुक्त समाज के निर्माण के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया उसके लक्ष्य को पाना अभी शेष है और गोरे अंग्रेज़ों की जगह काले अंग्रेज़ शासन कर रहे हैं। सत्ता का रंग बदला है, चरित्र नहीं। समाज में परिवर्तन के लिए नौजवानों को भगत सिंह के वैचारिक दर्शन को समझने की ज़रूरत होगी।

राजकीय संग्रहालय में आज़ादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में आयोजित इस कार्यक्रम में जनकवि बल्ली सिंह चीमा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे उन्होंने अपने चर्चित जनगीत ले मशालें चल पड़े हैं के साथ जन आंदोलनों को प्रेरित करने वाली अनेक रचनाओं का पाठ किया। इस मौक़े पर उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि समाज में गैरबराबरी को समाप्त करने व शोषण मुक्त समाज की रचना के लिए इतिहास में तमाम क्रांतिकारियों ने भगत सिंह से पहले और उनके बाद भी संघर्ष ज़ारी रखा है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह एक व्यक्ति नहीं बल्कि परिवर्तन की धारा के प्रतीक हैं उनकी जितनी ज़रूरत तब थी उससे भी अधिक ज़रूरत आज है।

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संगोष्ठी में अधिवक्ता रमाशंकर नैनवाल ने कहा कि भगत सिंह के पत्रों, दस्तावेज़ों व उनकी जीवनी को गहराई से पढ़ने, उनके अनुसरण से पता चलता है गोरे अंग्रेज़ों के जाने के बावजूद भी हमारी सरकारों का चरित्र नहीं बदलता इसलिए एक बेहतर समाज की लड़ाई के लिए अभी लंबा रास्ता तय करता है। संस्कृतिकर्मी, वरिष्ठ पत्रकार व कवि नवीन बिष्ट ने कहा कि आज़ादी के नाम पर जन भावनाओं से खिलवाड़ हुआ और सरकारें जनता की नहीं बल्कि पूंजीपतियों की पक्षधरता कर रही है।

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आकाशवाणी अल्मोड़ा के निदेशक प्रतुल जोशी ने कहा कि छोटी सी उम्र में भगत सिंह के संघर्ष, विचारों, सूझबूझ ने उन्हें भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के गंभीर क्रांतिकारी के रूप में स्थापित किया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड छात्र संगठन की संयोजक दीक्षा सुयाल और संचालन भारती पांडे ने किया। इस दौरान जनकवि बल्ली सिंह चीमा के साथ वरिष्ठ पत्रकार नवीन बिष्ट, प्रतुल जोशी, दीपांशु पांडे, चंद्रा उप्रेती जोशी, रेनू आदि ने कविता पाठ किया।

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संगोष्ठी में धीरेन्द्र मोहन पंत, चंद्रमणि भट्ट, दया कृष्ण कांडपाल, प्रेम आर्या ने संबोधित किया।

संगोष्ठी में उत्तराखंड छात्र संगठन के बलवंत नगरकोटी, प्रियांशु बनौला, कृष्णा आर्या, निशांत कुमार, यशपाल आर्या, अंजू , दिव्यांशु जोशी, शिप्रा मेहता, प्रेम कुमार, सौरभ कुमार, हेमराज , भावशी उप्रेती, हिमांशु रावत, रवीना बुडाथोकी, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की किरन आर्या, गोपाल राम, चम्पा सुयाल, हीरा देवी, आनंदी वर्मा, राजू गिरी, नारायण राम, हेमा पांडे, अनीता बजाज, राजू गिरी, कमला कार्की, एड. जीवन चन्द्र आदि लोग उपस्थित रहे।

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