अल्मोड़ा में गायत्री परिजनों का सराहनीय काम, आप भी जुड़ सकते हैं मुहिम में….

खबर शेयर करें

अल्मोड़ा। नवरात्रि पर शनिवार को चितई स्थित श्री गोलू मंदिर में पशुबलि पर पूर्ण रोक और नशामुक्त भारत के लिए गायत्री परिवार अल्मोड़ा के परिजनों ने जनजागरण किया। गायत्री परिजनों ने रैली निकाली। “अनाचार का अंत हो – पशुबलि बंद हो” “नशा नाश की जड़ है भाई, फल इसका अतिशय दुखदाई” के नारे लगाए।

जनजागरण के दौरान की गई अपील

मंदिर परिसर में श्रद्धालु भक्तों से सात्विक पूजा हेतु अपील की गई और मंदिरों को स्वच्छ एवं सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बनाने का आग्रह किया गया। पशुबलि के लिए बकरे के स्थान पर नारियल गोले का विकल्प अपनाने का अनुरोध किया गया। इस दौरान बागेश्वर से आए श्रद्धालुजन पशुबलि हेतु लाए गए अपने दो बकरे वापस ले गए। दो अन्य परिवार भी अपने-अपने बकरे वापस ले गए।

गायत्री परिवार के अम्बादत्त सती ने कहा कि गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे पशुबलि पर पूर्ण रोक हेतु 25 वर्षों से चलाए जा रहे जनजागरण और पुलिस-प्रशासन के सराहनीय सहयोग के परिणामस्वरूप चितई में पशुबलि समाप्तप्राय है। अभी तक नवरात्रि में केवल 7 बकरे ही लाए गए जिन्हें श्रद्धालु जनजागरण के फलस्वरूप वापस ले गए।

जनजागरण में अम्बादत्त सती, जगजीवन खोलिया, नमन वर्मा, बलवंत, प्रमोद कुमार, अर्जुन सिंह नेगी, हरीश बिष्ट, भीम सिंह अधिकारी, मीनू भट्ट, रीता पांडे, ऊषा जोशी, डॉ. मीनाक्षी पांडे, मंजू जोशी, ममता बिष्ट, नीलम नेगी, आरती कुमारी आदि लोग शामिल रहे।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 सजग पहाड़ के समाचार ग्रुप से जुड़ने के लिए यहाँ पर क्लिक करें, अन्य लोगों को भी इसको शेयर करें

👉 सजग पहाड़ से फेसबुक पर जुड़ें

👉 अपने क्षेत्र की ख़बरें पाने के लिए हमारे इस नंबर +91 87910 15577 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें! धन्यवाद