बागेश्वर…..अपने गांव पहुंचे कोश्यारी, कही ये बात

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बागेश्वर। पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी इन दिनों बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में नामतीचेटाबगड़ के गुंठी तोक अपने गांव में हैं। यहां पर वह गांव के लोगों से मिल रहे हैं। उनके साथ समय बिता रहे हैं।जिस विद्यालय से उन्होंने प्राथमिक शिक्षा ली। उस विद्यालय में भी वह पहुंचे। आधा घंटा वहां गुजारा। इससे पहले मां भगवती मंदिर के दर्शन किए। उसके बाद उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के बेटों से मुलाकात की। उनकी कुशल क्षेम पूछी। चार घंटे के भ्रमण के बाद वह अपने घर पहुंचे।

पूर्व सीएम कोश्यारी चार दिन के प्रवास के लिए अपने गांव नामतीचेटाबगड़ सोमवार की शाम पहुंचे। मंगलवार की सुबह कोश्यारी अपने गांव में स्थापित मां भगवती मंदिर पहुंचे। यहां पूजा-अर्चना करने के बाद वह राजकीय प्राथमिक विद्यालय महरगाड़ी पहुंचे। आधा घंटा यहां रुके और यहां बचपन के बिताए दिनों को याद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर को काफी देर तक देखा। कुछ देर अकेले चिंतन-मंथन भी किया। वहां से लौटने के बाद वह गांव की बुजुर्ग भागुली आमा के यहां गए।

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आमा ने सोमवार को उन्हें अपने घर आने का निमंत्रण दिया था। वहां चाय पानी पीने के बाद वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. खुशाल सिंह कोश्यारी के घर पहुंचे। उनके बेटों दुर्गा सिंह व हयात सिंह के साथ लंबी वार्ता की। कुछ समय यहां बिताने के बाद वह अपने आवास पर चले गए।

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यहां उनके मिलने के लिए कपकोट तथा पिथौरागढ़ से कार्यकर्ता मिलने के लिए पहुंच रहे थे। यह सिलसिला लगातार चल रहा है। कोश्यारी ने कहा कि अब वह अधिकतर समय अपने पुराने साथियों के साथ बिताएंगे। जिन लोगों ने वह प्रोटोकॉल के चलते नहीं मिल पाए थे उनसे मिलेंगे और लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित भी करेंगे। इस दौरान उनके भाई जगत सिंह कोश्यारी आदि मौजूद रहे।

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