कुमाऊं: फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पर शिक्षक को सजा

जसपुर: न्यायिक मजिस्ट्रेट जहांआरा अंसारी की अदालत ने फर्जी दस्तावेजों से नौकरी हासिल करने वाले एक शिक्षक को अलग-अलग धाराओं में साढ़े पांच साल के कठोर कैद की सजा सुनाई है। छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
वर्ष 2018 में तत्कालीन उप शिक्षा अधिकारी आशाराम चौधरी ने छात्र-छात्राओं को पढ़ाने में लापरवाही, पढ़ाई का स्तर कमजोर होने और शिक्षक की योग्यता पर संदेह होने पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय, टीला में तैनात सहायक अध्यापक विजेंद्र कुमार के हाईस्कूल एवं इंटर के प्रमाणपत्रों की जांच कराई। जांच में सामने आया कि हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्र फर्जी थे। इन फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर विजेंद्र ने वर्ष 2014 में शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति प्राप्त की थी। एबीईओ ने थाना कुंडा में मुकदमा दर्ज कराया था। शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। सुनवाई के दौरान असली विजेंद्र कुमार पेश हुआ और बताया कि अमरोहा यूपी के निवासी वरन सिंह है।
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