नैनीताल में 2500 बच्चों के भविष्य पर संकट

Vector illustration of High school building. Vector School Building

खबर शेयर करें


हल्द्वानी। नैनीताल जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला दिलाने का सपना देख रहे अभिभावकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। जिले के 371 स्कूलों में इस बार आरटीई के तहत दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह लटक गई है। इस देरी के कारण पहले चरण की प्रवेश प्रक्रिया से बाहर रहे 2500 से अधिक छात्रों का दाखिला अधर में लटक गया है।
अभिभावकों का कहना है कि आरटीई के तहत नाम आने की आस में उन्होंने अपने बच्चों का दाखिला फिलहाल किसी अन्य निजी स्कूल में भी नहीं कराया है। ऐसे में बच्चे घर बैठने को मजबूर हैं। जिले के 371 स्कूलों की 2,771 सीटों के लिए पहले चरण में रिकॉर्ड 4,936 आवेदन आए थे। इनमें से 2,280 सीटें आवंटित कर दी गईं। अब शेष बची 491 सीटों के लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया होनी है। पहले चरण से बाहर हुए करीब 2,500 से अधिक बच्चों के अभिभावक बेसब्री से इस प्रक्रिया के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन विभाग की ओर से अभी तक कोई सुगबुगाहट नहीं है। यह प्रक्रिया कब शुरू होगी, इस पर भी स्थिति साफ नहीं है।

पिछड़ी प्रवेश की प्रक्रिया
बीते साल दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया 18 मई से ही शुरू हो गई थी। 26 जून तक लॉटरी की प्रक्रिया पूरी कर 1 से 8 जुलाई के बीच बच्चों के दाखिले भी करा दिए गए थे। लेकिन इस बार जून का महीना बीतने को है और अब तक दूसरे चरण का शेड्यूल तक तय नहीं हो पाया है। जिला शिक्षा अधिकारी पुष्कर लाल टम्टा ने बताया की शासन से प्रवेश प्रक्रिया के लिए अभी कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। आदेश मिलते ही दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  अल्मोड़ा: बिना पंजीकरण ऊंट चलाने वाले संचालक पर मुकदमा दर्ज

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 सजग पहाड़ के समाचार ग्रुप से जुड़ने के लिए यहाँ पर क्लिक करें, अन्य लोगों को भी इसको शेयर करें

👉 सजग पहाड़ से फेसबुक पर जुड़ें

👉 अपने क्षेत्र की ख़बरें पाने के लिए हमारे इस नंबर +91 87910 15577 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें! धन्यवाद