हल्द्वानी के दो भाइयों ने देश को दिलाए 10 पदक

हल्द्वानी के मुखानी निवासी अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज और प्रशिक्षक हरिकृष्ण बेलवाल और खीमानंद बेलवाल के मार्गदर्शन में भारतीय मुक्केबाजी टीम ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भारतीय टीम ने प्रतियोगिता में पहली बार सात स्वर्ण और तीन रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। हरिकृष्ण बेलवाल और खीमानंद बेलवाल चचेरे भाई हैं और दोनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। दोनों ने विश्व सैन्य खेलों में भी देश के लिए पदक जीते हैं। वर्तमान में हरिकृष्ण बेलवाल आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हरिकृष्ण बेलवाल ने बताया कि आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट के 11 खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया, जिसमें खिलाड़ियों ने छह स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर भारतीय टीम की सफलता में अहम योगदान दिया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के मुक्केबाज कपिल पोखरिया ने भी प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। कपिल क्वार्टर फाइनल मुकाबले में स्कॉटलैंड के खिलाड़ी से 3-2 के करीबी अंतर से हार गए। हरिकृष्ण बेलवाल ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन के बाद अब भारतीय मुक्केबाजों का लक्ष्य आगामी एशियाई खेल हैं। इसके लिए खिलाड़ी तैयारियों में जुट गए हैं।
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